चलिये दोस्तो आज हम बात करते हैं श्री कृष्ण जन्माष्टमी के बारे में और जानते हैं कि मथुरा में ये पर्व कैसे बनाया जाता है.
जन्माष्टमी का पर्व मथुरा में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है और इस दिन हर व्यक्ति व्रत रखता है और इस बार ये पर्व मथुरा में 7 सितंबर को मनाया जा रहा है।
इस दिन लोग अपने घरो की सजावट करते हैं और भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप का बड़ा ही सुंदर श्रृंगार करते हैं।
इस दिन भगवान श्री कृष्ण का श्रृंगार नए कपड़े और नई मोरपंख से किया जाता है।
मथुरा में इस पर्व के पावन अवसर पर भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओ को मंच से कलाकारों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है
अर्धरात्रि को भगवान श्री कृष्ण का दूध से अभिषेक (दुग्धाभिषेक) किया जाता है और फिर उसके बाद जलाभिषेक किया जाता है।
भगवान श्री कृष्ण की पूजा के बाद यहां एक विशेष प्रकार की पंजीरी का प्रसाद वितरण किया जाता है जिसे खाकर लोग अपना व्रत खोलते हैं।
इसके बाद मथुरा में और बृजधाम में नंदोत्सव मनाया जाता है .
जो की नंद बाबा के घर में भगवान श्री कृष्ण के जन्म की खुशी में विशेष रूप से मनाया जाता है।